दशहरा और दीवाली : भारतीय संस्कृति के दो महान पर्व
दशहरा और दीवाली : भारतीय संस्कृति के दो महान पर्व 1. प्रस्तावना भारत त्योहारों की भूमि है। यहाँ प्रत्येक ऋतु, प्रत्येक मास और प्रत्येक अवसर को समाज ने किसी न किसी उत्सव के साथ जोड़ दिया है। इन पर्वों का केवल धार्मिक पहलू नहीं है, बल्कि ये हमारे जीवन, समाज और संस्कृति को भी नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करते हैं। इन्हीं में से दो प्रमुख और व्यापक रूप से मनाए जाने वाले पर्व दशहरा (विजयादशमी) और दीपावली (दीवाली) हैं। दशहरा हमें यह सिखाता है कि सत्य और धर्म की सदा विजय होती है, जबकि दीपावली अंधकार पर प्रकाश की, अज्ञान पर ज्ञान की और नकारात्मकता पर सकारात्मकता की जीत का संदेश देती है। इन दोनों पर्वों का आपसी संबंध ऐसा है मानो एक पर्व विजय का उद्घोष करता है और दूसरा उस विजय के उत्सव को प्रकाश के रूप में संसार भर में फैलाता है। 2. दशहरा / विजयादशमी का महत्व दशहरा या विजयादशमी, आश्विन मास की शुक्ल दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके अधर्म और अहंकार का अंत किया। इसे "विजयादशमी" कहा जाता है क्योंकि यह विजय का पर्व है। ऐतिहासिक और धार्मिक...